Sunday, November 7, 2010

गंदगी राजनीती में नहीं, सामाजिक विचारों में है।

राजनीती देश का आधार है। इसके बिना न हमारा समाज या देश की व्यवस्था सही ढंग से चल सकता है। हम लोग आसानी से कह देते है की राजनीती गन्दा होता है। लेकिन हम लोगों को इतना जरुर सोंचना चाहिए की किसके द्वारा राजनीती में गंदगी फैलती है? इसका जिम्मेदार हम और हमारा समाज है क्योंकि किसी भी उम्मीदवार का चुनाव आपके द्वारा होता है और वोते डालना भी आपका अधिकार है। अपनी गलती राजनीती पर क्यों?
हम लोगों को राजनीती का महत्व समझाना जरुरी होगा। क्योंकि राजनीती का सम्बन्ध किसी जाति या धर्म से नहीं होता है। इसका सम्बन्ध समाज हर व्यक्ति से होता है, चाहे उम्मीदवार किसी भी जाति का हो। हम लोगों को सबसे पहले इसको समझना जरुरी है। क्योंकि हमारा समाज राजनीती को भी जातियों बाँट देता है। (जिससे किसी भी एक जाति को कोई फायदा नहीं होता है, ये हमारी मानसिक एक सोंच है।) जिस कारण हमरे समाज और देश के व्यवस्था पर काफी असर पड़ता है। जिसका सामना हमारे समाज के सभी वर्गों के लोग करते है। जहाँ तक मै सोंचता हूँ की राजनीती में हर व्यक्ति को दिलचस्पी रखना जरुरी है क्योंकि ये हमारा हक़ और अधिकार भी है। अन्यथा हमारे समाज और देश के आन्तरिक व्यवस्था मजबूत नहीं बन सकता है।