Sunday, November 7, 2010

बुनियाद बनाने से पहले समझोता करना सीखिए।

एक अच्छे समाज की बुनियाद जहाँ समाज के सभी छोटे-बड़े एक साथ मिलकर रहे। समझोता छोटे-बड़े का समानता। जहाँ किसी तरह का भेद-भाव न हो।
आज हमारा समाज जागरूक है, हर जाति में शिक्षा का प्रवेश हो चूका है। समाज और देश की कायदे-कानून तथा राजनीती को भी अच्छी तरह से भी समझने लगा है। सरकार की भी यही निति है की हमारे देश और समाज के हर व्यक्ति चाहे वह किसी भी जाति का हो, शिक्षित और जागरूक हो। अगर देखा जाये तो कोई व्यक्ति जाति से बड़ा नहीं होता, वह अपने कार्य और व्यक्तित्व से होता है। कोई एक जाति हमारे समाज और देश की रूप-रेखा नहीं बदल सकता है। हर एक के सहयोग से ही अपने समाज और देश के रूप-रेखा बदला जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति जाति पर राजनीती करता है। तो वह राजनीती नहीं, सामाजिक विखंड़ता है। जिससे हम लोग अच्छे समाज की बुनियाद नहीं बना सकते। इसके लिए हमारी समझोता की बहुत जरुरी है। जिससे हमारे समाज की मजबूत बुनियाद बन सके। असली राजनीती वाही हो सकता, जो हमारे समाज के सभी चेहरों को एक ही नजर से देखने का हिम्मत रखता हो।